Sunday, October 17, 2021

हार्ट अटैक से बचने के उपाय | हार्ट की पम्पिंग बढ़ाने के उपाय

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दोस्तों एक बार फिर से स्वागत है आपका हिंदी ब्लॉग में आज में आपके साथ शेयर करने वाले हैं हार्ट अटैक से बचने के उपाय क्या करे जब किसी को अचानक हार्ट अटैक आ जाए। जी हां दोस्तों आपने बहुत सारे ऐसे केस सुने होंगे जहां लोगों को हार्ट अटैक आ जाता है। वह मर जाते हैं, लेकिन इससे बचने के कुछ उपाय हैं जो आपको ऐसे पोस्ट में मालूम चलेंगे। बस पोस्ट के एंड तक बने रहना ।



तो चलिए जानते हैं हार्ट की पम्पिंग बढ़ाने के उपाय दोस्तों आज हार्टअटैक की समस्या बहुत ही कोमन हो गई है। जरूरी नहीं है कि जो लोग उम्र दराज हैं, सिर्फ उन्हीं हार्ड अटैक आता है। यह छोटी छोटी उम्र में भी लोगों को अपनी चपेट में लेने लगा  ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आपके घर में पड़ोस में या फिर ऑफिस वगैरह में किसी को अचानक हार्ट अटैक आ जाए तो क्या कीजिए किस तरह आप उसको बचा सकते हैं। कैसे आप  फरिश्ते की तरह उसकी जिंदगी वापस ला सकते हैं दोस्तों  आपके लिए ये चीज जानना बहुत जरूरी है क्योंकि अगर किसी को अचानक से हार्ड अटैक आ जाए तो उसे जल्द से जल्द बचाना जरूरी होता है और यह आप कैसे करेंगे। इसके बारे में मैंने आपको दोस्त प्रदीप  आपको अपने इस पोस्ट में बताने वाला हूं। 

हार्ट अटैक से बचने के उपाय

दोस्तों हम मानते हैं कि जब किसी को हार्ट अटैक आए तो उसे तुरंत हॉस्पिटल ले जाना चाहिए। लेकिन ऐसे कई केस हमारे सामने आते हैं जहां इतना समय ही नहीं होता कि मरीज को हॉस्पिटल ले जाया जा सके, लेकिन आप थोड़ा तो ध्यान देंगे तो इस इमरजेंसी सिचुएशन में आप शायद उस मरीज की जान बचा पाए। हमारे आज के इस पोस्ट में हम आपको एक ऐसी तकनीक के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसके  लिए ना ही आपको डॉक्टर होने की जरूरत है। ओर ना ही किसी प्रकार  के सर्टिफिकेट की जरूरत है।


 आप चाहे कहीं पर भी हो। आप ऑफिस में काम कर रहे हो या शॉपिंग मॉल में सामान खरीदने हो या फिर गली मोहल्ले में मौजूद तो आप कहीं पर भी इस  तकनीक का इस्तेमाल करके किसी का जीवन बचा सकते हैं।

अटैक आए तो क्या करें?

सबसे पहली चीज जब कभी भी आप किसी मरीज को सीने में दर्द की शिकायत के साथ अचानक गिरता हुआ देखें तो आप के दो प्रकार के इथिति देखने को मिलता हैं । 

पहला इस्तिथ ( पेशेंट दर्द से छटपटा रहा हो  ) 

तो  आप तुरंत अगर मरीज के पास जाएंगे तो मरीज यह शिकायत करता है तो उसे सीने में बहुत तेज दर्द हो रहा है और यह जो दर्द है, यह सीने की तरफ से होता हुआ हाथ की तरफ आ रहा है। इसी के साथ ही मरीज को घबराहट और जीमा चलाने जैसी समस्याएं भी हो रही है।

इससे बचने के उपाय :- 

 दोस्तों यह जो कंडीशन है इसे हम हार्ड अटैक कहते हैं । इस  कंडीशन में सबसे पहले आप मरीज को किसी आरामदायक पोजीशन पर लताएं ।



 और साथ ही तुरंत एंबुलेंस को कॉल लगा दे। अगर मरीज कमरे में है तो तुरंत कमरे की खिड़कियां खोल दें। 

और उसको विश्वास दिलाएं कि सब कुछ ठीक हो जाएगा और आपको कुछ भी नहीं होगा।

हार्ट अटैक आने से पहले के संकेत ( दूसरे इथिति ) 

 परंतु दोस्तों अगर हमारे सामने दूसरी स्थिति है। जहां पर मरीज बेहोश हो चुका है। तब अगर आपके पास जाएंगे तो आप  देखेंगे। ना तो उसके सांस चल रही है ना उसकी नाड़ी या रही है और ना ही मरीज आपसे बात कर पा रहा है।

इससे बचने की उपाय :- 

 दोस्तो अगर इस तरह की स्थिति होती है तो हमेशा काढ़े  का रस कहते हैं। काढ़े का  रेस पर कई सारे कारणों से हो सकता है जिनमें एक  कारण हैं। हार्टअटैक काढ़े  ग्रस्त इलेक्ट्रिक शॉक की वजह से भी हो सकता है और कई कारण है जिसकी वजह से यह समस्या देखने को मिल सकती।


 आपको कोई मरीज काढ़े  ग्रस्त का मिलता है। आप अगर सही तरीका आत्माएं तो कुछ ही समय में आप उसकी जान बचा सकते हैं। वरना इस तरह की परेशानी से जूझने वाले अधिकतर लोग भगवान को प्यारे हो जाते हैं 


तो सबसे पहले आप CPR  देंगे जैसे कार्डियोपलमोनरी रिससिटेशन कहते हैं। जब कभी भी आप इस तरह के मरीज को पाए उसे जमीन पर सीधे लेट आते हैं। इसके बाद आप घुटनों के बल बैठ जाएं। 


ओर बैठने के बाद आप यह  देखें उसका कॉन्शसनेस लेवल क्या है यानी कि मरीज अभी बेहोश हुआ है या नहीं हुआ है और ऐसा करने के लिए आप मरीज के सीने पर अपने मुके के आगे वाले हिस्से से दबा कर  देख सकते हैं कि क्या उसे दर्द हो रहा है और अगर नहीं हो रहा है तो आपकी आंखों के अंदर वाले हिस्से में भी दबा सकते हैं।


 अगर पेशेंट इस हालत में बिल्कुल भी दर्द महसूस नहीं कर रहा है तो आपको तुरंत उसे रेस्पेसर्स को चेक  करना है जिसके लिए अपने गाल को नाक के पास ले जाएं और सीने को अब्जॉर्ब  करें। अगर सांस नहीं आ रही है तो उसका सीधा मतलब है। मरीज क्रिटिकल डेथ की सिचुएशन में जा चुका है। इसे जल्द से जल्द ही CPR  की जरूरत है।


 काढ़े  ग्रस्त के मरीज को सीपीआर देने के लिए सबसे पहले आप घुटनों के बल बैठ जाएं और अपनी हथेली को मरीज के सीने के बीच में रखें



 और फिर अपने दूसरे हाथ को अपने पहले वाले हाथ से इंटरलॉक करें और अपने दोनों हाथों से एक बीसेप की पोजीशन बनाएं। इस तरह की पोजीशन से आपको अपने दोनों को कोहनियां मुड़नी नहीं चाहिए। इसके बाद आपको लगातार उसके सीने पर कंप्रेशन करना है।


 इस चीज में आपको दो बातों को  ध्यान रखना जब आप कंप्रेशन करेंगे यानि मरीज के सीने पर दबाव डालेंगे। उसकी गति 1 मिनट में 100 बार होनी चाहिए। यानी आपको 1 मिनट में 100 बार पैशन को सीना दबाना है। 


 जिस वजह से आपकी स्पीड का तेज होना बहुत जरूरी हैं  और आप जितने पर दबाव डालेंगे दबाव पर डेढ़ इंच ऊपर अंदर जाना जरूरी है। दोस्तो आपको मरीज के साथ तब तक ऐसा करना है जब तक मरीज को होश ना जाए या फिर आपके सामने मेडिकल असिस्टेंट टीम ना आ जाए क्योंकि इस तरह का कंप्रेशन मात्र 10 मिनट में मरीज की जान बचा सकता है वरना  आप जानते ही हैं। यह सिचुएशन कितनी दादा क्रिटिकल है जो कभी भी इंसान को मौत के घाट उतार सकती है। इसलिए आपको बस हिम्मत दिखानी है और लगातार उसके सीने पर दबाव डालना है और दबाव डालने का तो सही तरीका है उसे भी बोलिएगा मत क्योंकि अगर तरीका सही होगा तो चीजें भी आसान हो जाएंगी। वरना यहां पर आपके हाथ में किसी इंसान की जिंदगी हैं ।


ओर  अगर आपने हल्के  किसी भी चुप कर दी तो लेने के देने पड़ जाएंगे। इसलिए हौसला रखें और जल्द से जल्द मरीज को स्टेबल करने की कोशिश करें। दोस्तों आप समझ गए होंगे जब भी आप किसी व्यक्ति को सीने में दर्द की इस्तिथ में पाएंगे तो दो चीज़ें हो सकती है। एक बेहोश हो सकता है या तो वह दर्द चला रहा होगा। अगर वो दर्द  से चिल्ला रहा होगा तो यह आर्ट अटैक है इसके  लिए तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए। लेकिन अगर वह बेहोश हो गया है। उसके सांस नहीं आ रही है तो उस कंडीशन में आपको डॉक्टर बन  कर सीपीआर देना होगा। वैसे तो हम उम्मीद करेंगे। आपने हमारी पोस्ट में आज जो कुछ भी सीखा है उसे आपको अपनी जिंदगी में करने में कभी जरूरत ना पड़े। लेकिन अगर  कोई ऐसा  समस्या खड़ी हो जाती है तो आपके लिए उसको तैयार रहना बहुत जरूरी है ये  पोस्ट  के बारे में आपका क्या कहना है। कमेंट में बताइए ।


उम्मीद करता हूँ हार्ट अटैक से बचने के उपाय के बारे में आपने सब कुछ जान लिया होगा ।

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